Satvik Abhinay सात्विक अभिनय
सात्विक अभिनय Satvik Abhinay का विषय रसशास्त्र से जुड़ा हुआ है। रस नाट्यशास्त्र का एक आधारभूत सिद्धांत है। यही उसका सौंदर्यशास्त्र है। रसानुभूति ही नाट्य प्रयोग की चरम परिणति है। लेखक, अभिनेता और दर्शक तीनों का प्रयोजन रसानुभूति है। यहां विषय रस नहीं, अभिनय है। नाट्यशास्त्र में सात्विक भाव का प्रयोग दो अर्थों में किया गया है-…

