गीतकार योगेश Geetkar Yogesh
रिमझिम गिरे सावन, सुलग सुलग जाए मन…. रजनीगंधा फूल तुम्हारे महकें यूं ही जीवन में…. बड़ी सूनी सूनी है…. जानेमन जानेमन तेरे दो नयन, चोरी चोरी लेके गए देखो मेरा मन…. कहीं दूर जब दिन ढल जाए….. और ज़िंदगी कैसी है पहेली हाय! … जैसे कालजयी गीत लिखे हैं गीतकार योगेश Geetkar Yogesh ने ।…

