लहरों के राजहंस पात्र एवं उनका परिचय

लहरों के राजहंस पात्र एवं उनका परिचय

Lahron Ke Rajhans नाटक के प्रमुख पात्र एवं उनका परिचय नंद-     नाटक का केन्द्रीय पात्र नंद गौतम बुद्ध का सौतेला भाई था। यह नाटक उनके मानसिक द्वन्द्व के इर्द-गिर्दं रचा गया है। एक ओर वे गौतम बुद्ध से प्रभावित होकर भिक्षु बनना चाहते हैं दूसरी ओर अपनी पत्नी सुन्दरी पर भी अनुरक्त है। जब नंद…

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Stanislavsky Ka Abhinay Siddant

Stanislavsky Ka Abhinay Siddant स्तानस्लावस्की का अभिनय सिद्धांत

Stanislavsky Ka Abhinay Siddant स्तानस्लावस्की का अभिनय सिद्धांत अभिनेता के लिए दिशा निर्देश है कि एक अभिनेता अपना काम कैसे करे? किस प्रकार वो अपने आपको अनुप्रेरित करे ? वो अपनी उच्चतर रचनात्मक अवस्था को अपनी मर्ज़ी से कैसे हासिल करे ? अगर एक जीनियस बहुत सहज प्राकृतिक रूप में रचनात्मक अवस्था को उसकी सम्पूर्णता…

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Bharat Muni Aur Stanislavski

Bharat Muni Aur Stanislavski भरत मुनि और स्तानिस्लावस्की

भरत मुनि के सिद्धांतों को आधुनिक नाट्यचिंतन के परिप्रेक्ष्य में रखने के लिए कहीं-कहीं महान रूसी अभिनेता और निर्देशक कोस्तांतिन स्तानिस्लावस्की के विचार का उल्लेख किया है। Bharat Muni Aur Stanislavski भरत मुनि और स्तानिस्लावस्की दोनों के  सिद्धांत देशकाल की सदीर्घ परिधि लाँधकर कहीं-कहीं एक-दूसरे के बहुत  नजदीक आ गए हैं और इस विषय पर…

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Manchsajjaa Aur Alankaran मंचसज्जा और अलंकरण

Manchsajjaa Aur Alankaran मंचसज्जा और अलंकरण

मंचसज्जा और पात्रों के अलंकरण के लिए प्रयुक्त संसाधन और विधि विधान अति आवश्यक  है।  Manchsajjaa Aur Alankaran मंचसज्जा और अलंकरण प्राचीनकाल में उलब्ध घरेलू सामग्री से ही किस प्रकार परिदृश्य-निर्माण और मेकअप की समस्याएँ ना किसी ताम-झाम और भारी व्यय को  सरलता से उत्साही नाट्यप्रयोक्ताओं द्वारा प्रबंध  कर लिया जाता है । इस परंपरा…

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